
देश के अधिकांश हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो चुका है, और भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार को उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय समेत करीब 11 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कई पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ (फ्लैश फ्लड) का खतरा बना हुआ है, जिसके चलते स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
किन राज्यों में सबसे ज़्यादा खतरा?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार:
- उत्तराखंड: देहरादून, नैनीताल, चमोली, रुद्रप्रयाग, उत्तरकाशी, टिहरी, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में 19 और 20 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश और बाढ़ की आशंका के चलते रेड अलर्ट जारी किया गया है।
- हिमाचल प्रदेश: यहां भी रेड अलर्ट की स्थिति बनी हुई है, और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 19 से 24 जुलाई के बीच व्यापक बारिश की संभावना जताई गई है, जिसमें मेरठ, नोएडा, गाज़ियाबाद, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज जैसे शहर शामिल हैं।
- बिहार और पूर्वोत्तर भारत: यहां मानसून ने रौद्र रूप ले लिया है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में अत्यधिक भारी और विनाशकारी बारिश की चेतावनी दी गई है।
- दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा: यहां भी भारी बारिश की चेतावनी के साथ जलभराव की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, कोंकण-गोवा और विदर्भ क्षेत्र में भी मानसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।
तीर्थयात्राओं पर असर
भारी बारिश और संभावित बाढ़ की चेतावनी के मद्देनज़र प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमरनाथ यात्रा और वैष्णो देवी यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति सामान्य होने के बाद यात्राएं फिर से शुरू की जाएंगी। श्रद्धालुओं को सलाह दी गई है कि वे यात्रा से पहले आधिकारिक अपडेट अवश्य देख लें।
किसानों के लिए एडवाइज़री
पहाड़ी राज्यों जैसे हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के किसानों के लिए जारी परामर्श में मक्का, राजमा और सब्जियों के खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की सलाह दी गई है, ताकि लगातार बारिश से फसल को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
प्रशासनिक तैयारियां
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों ने संवेदनशील क्षेत्रों में एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तैनात किया है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि:
- अनावश्यक यात्रा से बचें, विशेषकर पहाड़ी और नदी किनारे वाले इलाकों में
- भूस्खलन-प्रवण क्षेत्रों में रात में यात्रा न करें
- मौसम विभाग की चेतावनियों पर लगातार नज़र रखें
- आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर अपने पास रखें
आगे का पूर्वानुमान
IMD के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे मौसम की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि सक्रिय मानसून और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के संयुक्त प्रभाव से बारिश की तीव्रता बढ़ सकती है। विभाग ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे भी चेतावनियां अपडेट की जाएंगी।
फिलहाल प्रशासन और स्थानीय लोग दोनों ही मौसम विभाग के अगले अपडेट का इंतज़ार कर रहे हैं, जबकि राहत और बचाव दल संवेदनशील इलाकों में सतर्क अवस्था में तैनात हैं।
