घरेलू और अंतरराष्ट्रीय सराफा बाजार में सोने और चांदी के भाव नए शिखर पर
भारतीय सराफा बाजार में आज कारोबार की शुरुआत के साथ ही Gold & Silver Price Today में जोरदार तेजी देखी जा रही है। वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में कटौती की संभावना और मजबूत त्योहारी खरीदारी के बीच 24 कैरेट शुद्ध सोने की कीमतें अपने ऐतिहासिक उच्चतम स्तर के करीब पहुंच गई हैं। वहीं, औद्योगिक मांग के सहारे चांदी के दामों में भी प्रति किलो ₹1,200 से अधिक की बढ़त दर्ज की गई है।
आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में सोने की मांग निरंतर बढ़ रही है। डॉलर इंडेक्स में नरमी और भू-राजनीतिक तनावों के बीच निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित संपत्तियों की ओर मुड़ गया है, जिसके कारण घरेलू खुदरा बाजारों में जेवराती सोने के खरीदार भी सतर्क हो गए हैं।
आज के मुख्य ताजा भाव: महानगरों में क्या है रेट लिस्ट?
देश के प्रमुख शहरों में आज 10 ग्राम 24 कैरेट (99.9% शुद्ध) और 22 कैरेट (91.6% हॉलमार्क) सोने के औसत दरें निम्नलिखित हैं:
- 24 कैरेट शुद्ध सोना (प्रति 10 ग्राम): ₹76,450 (करीब ₹580 की तेजी)
- 22 कैरेट हॉलमार्क सोना (प्रति 10 ग्राम): ₹70,080 (करीब ₹530 की तेजी)
- 18 कैरेट आभूषण सोना (प्रति 10 ग्राम): ₹57,340 (करीब ₹440 की तेजी)
- चांदी (.999 शुद्धता प्रति 1 किलोग्राम): ₹92,400 (लगभग ₹1,200 की बढ़त)
कीमतों में रिकॉर्ड उछाल के 3 प्रमुख कारण
कमोडिटी मार्केट विशेषज्ञों ने इस तेजी के पीछे निम्नलिखित प्रमुख पहलुओं को रेखांकित किया है:
1. अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और ब्याज दर कटौती की उम्मीदें
अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आगामी बैठकों में ब्याज दरों में संभावित कटौती की चर्चाओं ने डॉलर को दबाव में रखा है। आमतौर पर जब डॉलर कमजोर होता है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर आधारित बुलियन संपत्तियों की मांग स्वतः बढ़ जाती है, जिससे भारतीय आयातित भाव सीधे प्रभावित होते हैं।
2. केंद्रीय बैंकों द्वारा सोने के भंडार की निरंतर खरीदारी
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) सहित दुनिया भर के प्रमुख केंद्रीय बैंकों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का अनुपात बढ़ाने के लिए पिछले दो तिमाहियों में लगातार टन-दर-टन सोना खरीदा है। केंद्रीय बैंकों का यह कदम बुलियन के लिए एक मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है।
3. ग्रीन एनर्जी और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में चांदी की अभूतपूर्व औद्योगिक खपत
सोलर फोटोवोल्टिक पैनल्स, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EVs) और उन्नत 5G टेलीकॉम हार्डवेयर के तेजी से बढ़ते उत्पादन के चलते औद्योगिक चांदी की मांग दुनिया भर के वेयरहाउस इन्वेंट्री को कम कर रही है, जिससे चांदी में दोहरे अंकों की सालाना बढ़त देखने को मिल रही है।
एक्सपर्ट्स की सलाह: क्या मौजूदा स्तरों पर निवेश करना सही है?
बाजार विशेषज्ञों का सुझाव है कि एकमुश्त बड़ी पूंजी लगाने के बजाय निवेशकों को Gold & Silver Price Today की इस तेजी में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट (SIP) अथवा डिजिटल गोल्ड/सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से निवेश करना चाहिए। किसी भी अप्रत्याशित वैश्विक झटके से सुरक्षा के लिए एक संतुलित पोर्टफोलियो में 10% से 15% बुलियन आवंटन आवश्यक माना जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
प्रश्न 1: 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने में क्या अंतर होता है?
24 कैरेट सोना 99.9% शुद्ध होता है और काफी मुलायम होने के कारण केवल सिक्कों और बार्स (ईंट) के रूप में रखा जाता है। वहीं 22 कैरेट सोने में 91.6% शुद्ध सोना और शेष चांदी व तांबे की मिलावट होती है, जिससे यह आभूषण बनाने के लिए टिकाऊ बन जाता है।
प्रश्न 2: आज खरीदे गए आभूषणों पर जीएसटी और मेकिंग चार्ज कितना लगता है?
भारत में सोने के आभूषणों की खरीद पर कुल बिल मूल्य पर 3% जीएसटी लगता है। इसके अतिरिक्त ज्वैलर्स डिजाइन की जटिलता के आधार पर 8% से 25% तक मेकिंग चार्ज जोड़ते हैं।
प्रश्न 3: हॉलमार्क का निशान देखना क्यों अनिवार्य है?
बीआईएस (BIS) हॉलमार्किंग में 6 अंकों का अल्फान्यूमेरिक HUID कोड होता है, जो आभूषण की शुद्धता की कानूनी गारंटी देता है और धोखाधड़ी से बचाता है।
प्रश्न 4: क्या आने वाले हफ्तों में सोने के भाव गिर सकते हैं?
अल्पकालिक मुनाफावसूली के चलते भाव में 1-2% का हल्का सुधार आ सकता है, लेकिन मध्यम से लंबी अवधि के तकनीकी चार्ट अभी भी तेजी के संकेत दे रहे हैं।
