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अतिथि देवो भव : इंडिया मौ मेहनान को भगवान माना जाता है पर कुछ लोगो के वजह से हमे शर्मिंदा होना पड़ता है वीडियो वायरल

छोटे बच्चे का महिला से अभद्र व्यवहार: वायरल वीडियो ने समाज को सोचने पर मजबूर किया

छोटे बच्चे का महिला से अभद्र व्यवहार: वायरल वीडियो ने समाज को सोचने पर मजबूर किया

अतिथि देवो भव : इंडिया मौ मेहनान को भगवान माना जाता है पर कुछ लोगो के वजह से हमे शर्मिंदा होना पड़ता है वीडियो वायरल

आज कल एक वीडियो जड़ा वायरल हो रहा है इंडिया मैं एक फ़ॉरेन महिला हमने आए थे और वों खुदली सेल्फी क्लिक कर रहे थे तब एक बच्चा आता हगा और उनको चिढ़ता है और वो भी कई ग़लत तरीकेसे।

अच्छा हुआ के वहाँ के लोकललोगो ने बच्चे को रोक दिया।अगर कोई बाहरसे आता है और इस तरीक़ा का उन के साथ होता है हूँग्लोबली हमारी।छवाई ख़राब हो जाएगी

वीडियो मैं दिखाई देने विला व्यवहार केवल एक बच्चे की शरारत नहीं बल्कि समाज  उस सोच को उजागर करता है कि कहा ना कहीं बच्चा जो देख रहा है वही सिख रहा है विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों का व्यवहार उनके आसपास के माहौल, सोशल मीडिया कंटेंट और घर के वातावरण से सीधे तौर पर  प्रभावित होता है।

आज के डिजिटल युग में बच्चे बहुत कम उम्र में मोबाइल और इंटरनेट के संपर्क में आ जाते हैं। बिना निगरानी के देखे गए वीडियो, रील्स और कंटेंट उनके दिमाग पर गहरा असर डालते हैं। कई बार वे वही भाषा और व्यवहार अपनाने लगते हैं, जिसका असर समाज में नकारात्मक रूप से दिखाई देता है। यही कारण है कि ऐसे वायरल वीडियो केवल मनोरंजन नहीं बल्कि एक गंभीर चेतावनी भी माने जाने चाहिए।

इस पूरे मामले ने एक बार फिर मातापिता की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बच्चों को सिर्फ पढ़ाई ही नहीं बल्कि संस्कार, सम्मान और सामाजिक व्यवहार भी सिखाना उतना ही जरूरी है। खासकर महिलाओं के प्रति सम्मान की शिक्षा बचपन से दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाए  दोबारा न हों।

सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि इस तरह के वीडियो शेयर करने के साथसाथ हमें यह भी सोचना चाहिए कि हम किस तरह का समाज बना रहे हैं। कई लोगों ने मांग की है कि बच्चों से जुड़े ऐसे मामलों को गंभीरता से लिया जाए और उन्हें सही दिशा देने की जिम्मेदारी परिवार, स्कूल और समाज तीनों मिलकर निभाएं।

अंत में, यह घटना केवल एक वायरल वीडियो नहीं बल्कि समाज के लिए एक चेतावनी है। अगर समय रहते बच्चों की सोच और व्यवहार पर ध्यान नहीं दिया गया, तो भविष्य में ऐसी घटनाए और बढ़ सकती हैं। जरूरत है जागरूकता, सही परवरिश और जिम्मेदार समाज की, ताकि आने वाली पीढ़ी बेहतर संस्कारों के साथ आगे बढ़ सके।

मुंबई लोकल में मराठी जवाब पर तालियां: सम्मान, दबाव या भाषा की राजनीति?

मुंबई लोकल ट्रेन का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति मराठी भाषा में शांत और आत्मविश्वास से जवाब देता है। उसके बाद ट्रेन में मौजूद कुछ यात्री तालियां बजाते दिखाई देते हैं। देखने में यह पल भाषाई सौहार्द और आपसी सम्मान का प्रतीक लग सकता है, लेकिन इस एक दृश्य ने महाराष्ट्र में लंबे समय से चल रही भाषा की राजनीति पर नई बहस छेड़ दी है।

 

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