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पीएम मोदी ने हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। जीरो कार्बन एमिशन वाली इस ट्रेन की पूरी जानकारी पढ़ें।

पीएम मोदी ने हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाई

 

 

भारतीय रेलवे के इतिहास में आज एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणा के जींद रेलवे स्टेशन से जींद-सोनीपत रेलखंड पर देश की पहली हाइड्रोजन फ्यूल सेल आधारित यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस ऐतिहासिक क्षण के साथ भारत उन चुनिंदा देशों की सूची में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन ऊर्जा से संचालित यात्री रेल सेवा उपलब्ध है।

कैसे काम करती है यह ट्रेन?

यह ट्रेन पारंपरिक डीजल या बिजली से चलने वाली ट्रेनों से बिल्कुल अलग तकनीक पर आधारित है, जो इसे पर्यावरण के लिहाज से बेहद खास बनाती है।

हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन की खासियत

इस पूरी परियोजना की रीढ़ जींद में बना हाइड्रोजन रीफ्यूलिंग स्टेशन है, जहां इलेक्ट्रोलिसिस तकनीक की मदद से हाइड्रोजन गैस तैयार की जाती है।

कार्यक्रम की भव्य तैयारियां

इस ऐतिहासिक अवसर के लिए हरियाणा में जबरदस्त तैयारियां की गई थीं। जींद के एकलव्य स्टेडियम में आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री ने करीब 14,700 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया।

भारत के ग्रीन एनर्जी मिशन को मिलेगी नई ताकत

यह हाइड्रोजन ट्रेन भारत के व्यापक ‘नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन’ का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को हाइड्रोजन ऊर्जा उत्पादन और उपयोग में वैश्विक अग्रणी बनाना है।

निष्कर्ष

पीएम मोदी ने हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन 

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का शुभारंभ सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि देश के स्वच्छ और टिकाऊ भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम है। आने वाले वर्षों में यदि यह मॉडल सफल रहता है, तो भारतीय रेलवे में हाइड्रोजन ट्रेनों का नेटवर्क तेजी से बढ़ सकता है, जिससे देश हरित परिवहन के क्षेत्र में वैश्विक मिसाल बन सकता है।

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